A Beautiful Dadi(Surinder Kaur )–Poti(Tanishka Kaur) Duo To Participate In The Grand Crown India 2026!

Gurugram: The excitement for The Grand Crown India 2026, presented by NB Entertainment, is growing as participants from different generations come forward to be part of this prestigious national pageant.

Adding a special touch of family bonding and togetherness, 62-year-old Surinder Kaur and her 13-year-old granddaughter Tanishka Kaur will participate together in the special Dadi–Poti Round.

Their participation beautifully reflects the spirit of the pageant — dreams have no age, and moments shared with family become memories for a lifetime. Walking the ramp together will be a truly special and unforgettable experience for both of them.

The Grand Crown India 2026 and NB Entertainment team extend their warmest wishes to Surinder Kaur and Tanishka Kaur for their participation. May they walk the ramp with confidence, elegance and joy, creating beautiful memories to cherish forever.

Wishing Surinder Kaur & Tanishka Kaur the very best!

Walk together. Shine together. Create memories together.

The Grand Crown India 2026

One Stage. Endless Possibilities. Be the Crown.

   

A Beautiful Dadi(Surinder Kaur )–Poti(Tanishka Kaur) Duo To Participate In The Grand Crown India 2026!

विष्णु मौर्य, पायस पंडित, प्रकाश जैस ने निर्मात्री विद्या मौर्य और निर्देशक चंदन सिंह की 11 में से 8वीं फिल्म ‘सुतार’ की शूटिंग किया शुरू

कहते हैं कि ‘जहाँ चाह वहाँ राह’ ये सूक्ति एकदम सटीक बैठती है महिला फिल्म प्रोड्यूसर विद्या मौर्य पर,जिन्होंने मोस्ट टैलेंटेड डायरेक्टर चंदन सिंह के निर्देशन में एक साथ 11भोजपुरी फिल्मों का निर्माण का बीड़ा उठाया है और बिना रुके, बिना थके एक के बाद एक फिल्म की शूटिंग जोर शोर से कर रही हैं। लगातार फिल्म निर्माण के कड़ी में  7भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग कंप्लीट करके 8वीं भोजपुरी फिल्म ‘सुतार’ की शूटिंग शुरू कर दी हैं।

इस फिल्म में केंद्रीय भूमिका में बहुमुखी प्रतिभा के धनी अभिनेता विष्णु मौर्य और मोस्ट पॉपुलर एक्ट्रेस पायस पंडित मनोरंजनपूर्ण नजर आएंगे। गौरतलब है कि लट्टू मूवीज वर्ल्ड एलएलपी प्रस्तुत 8वीं भोजपुरी फिल्म ‘सुतार’ की शूटिंग उत्तर प्रदेश के जिला सिद्धार्थ नगर में विधिवत पूजा पाठ करके शुरू की गई है।

इस फिल्म की प्रोड्यूसर विद्या मौर्य हैं, जिनका उद्देश्य एक साथ 11 फिल्म की शूटिंग कंप्लीट करना और शूटिंग के दौरान ही कम से कम पाँच फिल्म की एडिटिंग कंप्लीट करना है। वो शूटिंग के साथ ही साथ ऑन सेट फिल्म की एडिटिंग भी करवा रही हैं। डायरेक्टर चंदन सिंह पूरी मेहनत एवं लग्न से पूरी यूनिट के साथ एक के बाद एक फ़िल्म की शूटिंग कर रहे हैं।

भोजपुरी फिल्म ‘सुतार’ में मुख्य कलाकार विष्णु मौर्य, पायस पंडित, प्रकाश जैस, श्वेता वर्मा, मोना, राजेश तोमर, नीलम पांडेय, अनीता ओझा, जागृति गुप्ता, शम्भू राणा आदि हैं। इस फिल्म के लेखक अनिल विश्वकर्मा, डीओपी राहुल चौधरी व प्रेम, गीतकार राजू यादव, संगीतकार आकाश पटेल, आर्ट डायरेक्टर नियाज़ अंसारी, असोसिएट डायरेक्टर करिश्मा (परी), असिस्टेंट डायरेक्टर राहुल पांडेय, एडीटर नरेन्द्र पाल, प्रोडक्शन कंट्रोलर मनोज पांडेय, प्रोडक्शन मैनेजर रवि शुक्ला, ड्रेस डिजाईनर नानू फैशन डिजाईनर (रेहान), मेकअप सुबोध शाह, दीपक शर्मा, हेयर स्टाइलिश पायल शाह हैं।

लट्टू मूवीज वर्ल्ड एलएलपी प्रस्तुत 11 में से 8वीं फिल्म ‘सुतार’ की शूटिंग विष्णु मौर्य और पायस पंडित ने शुरू सिद्धार्थ नगर में

Mr. Hitesh Nihalani: Two Decades Of Building Trust In Real Estate

With over 20 years of experience in construction and real estate development, Mr. Hitesh Nihalani has established himself as a key name in Mumbai’s property landscape. As a Partner at Crown Construction Company and N K Builders & Developers, he has led projects that blend quality craftsmanship with modern urban living.

Hitesh began his journey in the industry more than two decades ago, learning the business from the ground up. That hands-on experience shaped his approach: detail-oriented planning, transparent dealings, and a strong focus on timely delivery. Under his leadership, both Crown Construction Company and N K Builders & Developers have delivered residential projects known for structural integrity, smart design, and customer-first service.

What sets Hitesh apart is his ability to balance traditional construction values with evolving market demands. While the industry has changed rapidly with new materials, regulations, and buyer expectations, he has kept his companies adaptive without compromising on core principles of quality and trust. Clients and partners often cite his commitment to accountability and long-term relationships as a reason for repeat business.

Beyond bricks and mortar, Hitesh believes in building communities. His projects emphasize functional layouts, durable materials, and efficient use of space — factors that matter most to families and investors in a city like Mumbai.

With 20+ years of experience, Hitesh Nihalani continues to steer Crown Construction Company and N K Builders & Developers toward sustainable growth. His vision remains simple: create spaces people are proud to call their own, and build a reputation that lasts longer than any structure.

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Mr. Hitesh Nihalani: Two Decades Of Building Trust In Real Estate

Ravindra K Dwivedi, National President Of Vishva Hindu Seva Sangh, Has Strongly Reacted To The Recent Statement

New Delhi/Mumbai: Ravindra K Dwivedi, National President of Vishva Hindu Seva Sangh, has strongly reacted to the recent statement made by Mohan Bhagwat, who said that Hindus and Muslims are one.

Dwivedi stated that Hindus and Muslims can never be the same as their ideologies are fundamentally different. He alleged that Muslims are “religion-driven” while Hindus are “spiritual,” and claimed that spiritual people do not harm others, whereas those driven by rigid belief systems may go to extreme lengths to enforce their views.

Questioning the stand of the Rashtriya Swayamsevak Sangh, Dwivedi asked that if Hindus and Muslims are indeed one, then why has the issue of Hindu-Muslim differences been raised across the country over the years.

He also criticized the RSS chief’s remark that the organisation would no longer participate in religious movements, stating that this indicates that the organisation’s focus has shifted from ideology to political power. Dwivedi alleged that such statements suggest that Hindus have been misled.

Referring to the current situation in the country, he appealed to the “upper caste community” to increase its population and unite people from all sections with dignity, stating that this is necessary for the protection of Sanatan.

Dwivedi also expressed concern over the present scenario under the leadership of Narendra Modi, alleging that unrest in the name of casteism and linguistic divisions is harmful for the nation.

He emphasized that there is no hierarchy in Sanatan and compared society to a vehicle with four wheels, stating that removing even one wheel would halt its movement. He further alleged that some leaders benefit from such divisions.

Dwivedi concluded by urging people to respect each other, focus on education and employment generation, and avoid blindly following political leaders.

Ravindra K Dwivedi, National President Of Vishva Hindu Seva Sangh, Has Strongly Reacted To The Recent Statement

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10th भारत इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल मुंबई 2025-26 में क्लासिक एंटरटेनमेंट के बेनर तले निर्मित फिल्म ‘अपना अमिताभ’ को बेस्ट फ़िल्म अवार्ड

फिल्म निर्माता विकास शर्मा  आइकॉनिक भारत गौरव पुरस्कार से सम्मानित

*मुंबई  : अंतरराष्ट्रीय स्तर कान्स फ़िल्म फैस्टिवल 2026 फ्रांस मैं फ़िल्म की स्क्रीनिंग होना हुआ तय ।

मुंबई में आयोजित भारत इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल 2025-26 में सिनेमा और सामाजिक सरोकारों को समर्पित फिल्मों को सम्मानित किया गया। इस प्रतिष्ठित समारोह में फिल्म ‘अपना अमिताभ’ को बेस्ट फ़िल्म कैटेगरी में अवार्ड प्रदान किया गया, वहीं सामाजिक मुद्दों पर सशक्त फिल्म निर्माण के लिए फिल्म निर्माता विकास शर्मा को आइकॉनिक भारत गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया

यह भव्य आयोजन 31 जनवरी को मुंबई स्थित मेयर हॉल, जुहू में संपन्न हुआ, जिसमें फिल्म जगत की कई जानी-मानी हस्तियों, निर्माता-निर्देशकों, कलाकारों और कला प्रेमियों की उपस्थिति रही।

सामाजिक सरोकारों पर आधारित सिनेमा को मिला सम्मान । फिल्म अपना अमिताभ को उसकी सशक्त कहानी, संवेदनशील प्रस्तुति और समाज से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से दर्शाने के लिए जूरी द्वारा सर्वश्रेष्ठ फिल्म चुना गया। फिल्म ने दर्शकों के साथ-साथ निर्णायक मंडल पर भी गहरी छाप छोड़ी।

वहीं फिल्म निर्माता विकास शर्मा को समाजिक मुद्दों को केंद्र में रखकर निरंतर सार्थक सिनेमा निर्माण के लिए  भारत गौरव पुरस्कार प्रदान किया गया जूरी ने उनके कार्य को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

समारोह में उमड़ा फिल्म जगत कार्यक्रम के दौरान फिल्म निर्माण, सामाजिक जिम्मेदारी और भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहचान पर भी चर्चा हुई। आयोजकों ने कहा कि भारत इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल का उद्देश्य नए और सार्थक सिनेमा को मंच देना है। और उसी कड़ी मैं फेस्टिवल के फाउंडर विक्रांत मोरे उन्होंने मंच से घोषणा की  इस वर्ष अपना अमिताभ  फ़िल्म  को कान्स मैं स्क्रीनिंग के लिए तय किया गया है जो कान्स फैस्टिवल के दोरान मई महीने मैं होगी l

फिल्म अपना अमिताभ और निर्माता विकास शर्मा को मिले इन सम्मानों से फिल्म यूनिट और उनके प्रशंसकों में खुशी की लहर है ।

10th भारत इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल मुंबई 2025-26 में क्लासिक एंटरटेनमेंट के बेनर तले निर्मित फिल्म ‘अपना अमिताभ’ को बेस्ट फ़िल्म अवार्ड

गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में डॉ. कृष्णा चौहान ने 5वें राष्ट्रीय रत्न सम्मान 2026″ का किया भव्य आयोजन

सुनील पाल, अली खान दीपा नारायण झा, डॉ अजय सहाय, आदित्य सिंघानिया, फिल्म निर्माता सीडी शेटे, दीपक सावंत, दीपक देसाई, रमेश गोयल, एसीपी संजय पाटिल, रेखा राव, गिरीश थापर,  ब्राइट आउटडोर मीडिया के प्रतिनिधि, सहित कई हस्तियां हुईं सम्मानित

मुम्बई. गणतंत्र दिवस के अवसर पर डॉ कृष्णा चौहान द्वारा राष्ट्रीय रत्न सम्मान 2026 का आयोजन 26 जनवरी को किया. ये इस अवॉर्ड का 5वां साल रहा. यह समारोह 26 जनवरी को मुंबई के मेयर हॉल में हुआ जहाँ कई सिलेब्रिटीज के हाथों अवार्डी को राष्ट्रीय रत्न सम्मान 2026 से नवाजा गया।

संदेसे आते हैं गीत के द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई. दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम की शुरुआत हुई.

सम्मान समारोह मे मुख्य अतिथि, ऐक्टर अली खान, सुनील पाल, दीपा नारायण झा, डॉ अजय सहाय, आदित्य सिंघानिया, फिल्म निर्माता सीडी शेटे C D Shetye दीपक सावंत, दीपक देसाई, रमेश गोयल, एसीपी संजय पाटिल, रेखा राव, फैयाज अली खान, गिरीश थापर,  नरेश,  राकेश आचार्य, राजू टांक, मंगेश, कोमल कटारिया, जे के तिवारी सहित कई हस्तियां शामिल हुईं.

एंकर आरजे आरती ने शो की बखूबी एंकरिंग की. कोमल कटारिया ने अपनी परफॉर्मेंस से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया.

इस बार यह पुरस्कार समारोह पहले से बड़ा और बेहतर रहा। समाज सेवा और भारतीय फिल्मों एवं उसकी तरक्की में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को इस पुरस्कार से नवाजा गया। काफी सारी हस्तियां इस समारोह में शामिल हुईं।

ब्राइट आउटडोर मीडिया के प्रतिनिधि, सिंगर एनके नरेश, सागर आचार्य, गीतकार विक्की नागर, वैष्णव देवा को भी अवॉर्ड दिया गया. सिंगर नरेश और सागर आचार्य ने गीत गाए.

अली खान ने डॉ कृष्णा चौहान की प्रशंसा की। डॉ कृष्णा चौहान न केवल एक सफल फ़िल्म निर्देशक एवं समाज सेवक हैं बल्कि अवार्ड्स फंक्शन करने के मामले में सबसे अधिक चर्चा में रहते हैं। वह केसीएफ के अंतर्गत बॉलीवुड लीजेंड अवॉर्ड, बॉलीवुड आइकोनिक एवॉर्ड, लीजेंड दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड और महात्मा गांधी रत्न अवार्ड का आयोजन पिछले कई वर्षों से करते आ रहे हैं। आयोजक डॉ कृष्णा चौहान को इस प्रोग्राम के आयोजन के लिए सभी मेहमानों ने बधाइयाँ दी. वह पिछले 5 साल से इस कार्यक्रम का आयोजन लगातार करते आ रहे हैं।

गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में डॉ. कृष्णा चौहान ने 5वें राष्ट्रीय रत्न सम्मान 2026″ का किया भव्य आयोजन

 

5 साल की Mudra Mahesh Jadhav ने जीता दर्शकों का दिल, वेब सीरीज़ ‘घर की रौनक’ में निभाया मुख्य बाल कलाकार का दमदार किरदार

मुंबई: बाल कलाकार Mudra Mahesh Jadhav, महज़ 5 वर्ष की उम्र में, अभिनय की दुनिया में एक सशक्त पहचान बना रही हैं। उन्होंने Green World Media Production के बैनर तले बनी वेब सीरीज़ “घर की रौनक” में मुख्य लीड चाइल्ड आर्टिस्ट की भूमिका निभाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

कम उम्र के बावजूद Mudra ने अपने किरदार में जो मासूमियत, सच्चाई और भावनात्मक गहराई दिखाई है, वह काबिल-ए-तारीफ है। उनकी परफॉर्मेंस कहानी की आत्मा को मजबूती देती है और दर्शकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाती है।

इस वेब सीरीज़ का निर्देशन जाने-माने निर्देशक B. S. Ali ने किया है, जिन्होंने Mudra को न सिर्फ़ सही मार्गदर्शन दिया बल्कि उन्हें विशेष अभिनय प्रशिक्षण देकर इस मुकाम तक पहुँचाया। निर्देशक का मानना है कि Mudra में भविष्य की एक बेहतरीन कलाकार बनने की पूरी क्षमता है।

“घर की रौनक” एक पारिवारिक ड्रामा वेब सीरीज़ है, जो जल्द ही एक प्रमुख OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ होने जा रही है। इंडस्ट्री में इस प्रोजेक्ट को लेकर पहले से ही उत्सुकता देखी जा रही है।

Mudra Mahesh Jadhav की यह शुरुआत न सिर्फ़ प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से प्रतिभा किसी भी उम्र में चमक सकती है।

5 साल की Mudra Mahesh Jadhav ने जीता दर्शकों का दिल, वेब सीरीज़ ‘घर की रौनक’ में निभाया मुख्य बाल कलाकार का दमदार किरदार

पॉडकास्ट के ज़माने में दीपक सारस्वत का धमाका, फेमस इनफ्लुएंसर ने रचा इतिहास

सोशल मीडिया की दुनिया में एक नया इतिहास रचते हुए दीपक सारस्वत ने इंस्टाग्राम पर सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। महज़ 24 घंटे में 100 मिलियन व्यूज़ हासिल कर उन्होंने भारतीय कंटेंट क्रिएटर्स की दुनिया में एक अनोखा कीर्तिमान स्थापित किया।

12 जनवरी को ‘भारत पॉडकास्ट’ नामक दीपक सारस्वत द्वारा डाले गए वीडियो को महज एक घंटे में 10 मिलियन व्यूज मिले l इस वीडियो में दीपक सारस्वत ने “आठ की पहाड़ा” को जीवन से जोड़कर एक गहरी और भावनात्मक व्याख्या प्रस्तुत की।

इस अनोखे अंदाज़ ने दर्शकों को इतना प्रभावित किया कि केवल 6 घंटे के भीतर ही वीडियो 60 मिलियन व्यूज़ तक पहुँच गया। लोगों ने इसे भय और जीवन के संघर्षों का प्रतीक मानते हुए खूब सराहा।

रिकॉर्ड तोड़ उपलब्धि –

– इंस्टाग्राम पर किसी भारतीय वीडियो को इतने कम समय में इतने व्यूज़ मिलना अब तक असंभव माना जाता था।

– दीपक सारस्वत का यह वीडियो न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।

– यह उपलब्धि दर्शाती है कि पॉडकास्ट और डिजिटल कंटेंट का प्रभाव किस तरह से नई ऊँचाइयों को छू रहा है।

पहले भी रचे हैं कई कीर्तिमान –

दीपक सारस्वत इससे पहले भी फेसबुक पर कई रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। बतौर फ़िल्म निर्माता और पॉडकास्टर, उन्होंने लगातार यह साबित किया है कि भारतीय कंटेंट क्रिएटर्स वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।

दर्शकों की प्रतिक्रिया –

– लाखों यूज़र्स ने वीडियो को शेयर किया और कमेंट्स में सराहना की।

– कई लोगों ने इसे “भारतीय डिजिटल क्रांति का नया अध्याय” बताया।

– युवा दर्शकों में यह वीडियो खासा लोकप्रिय रहा, जिसने इसे वायरल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

भविष्य की दिशा –

दीपक सारस्वत की यह सफलता यह साबित करती है कि भारतीय कंटेंट क्रिएटर्स अब केवल देश तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक मंच पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं। पॉडकास्ट और शॉर्ट वीडियो का यह संगम आने वाले समय में डिजिटल मीडिया की दिशा तय कर सकता है।

https://www.instagram.com/reels/DTXrHFEjbt2/

पॉडकास्ट के ज़माने में दीपक सारस्वत का धमाका, फेमस इनफ्लुएंसर ने रचा इतिहास

लोकसंगीत की विरासत और आधुनिकता का अद्भुत संगम : ममता शर्मा

लोकसंगीत की शुद्ध परंपरा को आधुनिक प्रस्तुति के साथ जीवंत बनाए रखने वाली चर्चित लोकगायिका ममता शर्मा इन दिनों श्रोताओं की पहली पसंद बनी हुई हैं। बनारस की सांस्कृतिक चेतना से रचा-बसा उनका स्वर लोक और शास्त्रीय संगीत के दुर्लभ संतुलन का सशक्त उदाहरण है।

परंपरा से उपजा संगीत-सफर

ममता शर्मा बताती हैं कि उनका संगीत-सफर किसी पूर्व नियोजित योजना का परिणाम नहीं, बल्कि पारिवारिक संस्कारों की देन है। उनके दादाजी पंडित ताराचंद जैतले जी शास्त्रीय संगीत में गहरी रुचि रखते थे। बचपन में उनके सान्निध्य ने ही संगीत के बीज बो दिए और बहुत छोटी उम्र से लोक व शास्त्रीय संगीत उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया।

बनारस: सुर-साधना की आत्मा

बनारस में जन्मी और पली-बढ़ी ममता शर्मा के स्वर में काशी की सांस्कृतिक चेतना स्वाभाविक रूप से समाई है। कजरी, चैती और लोकधुनें उनके गायन की पहचान हैं। उनके शब्दों में, “बनारस केवल मेरी जन्मभूमि नहीं, मेरी सुर-साधना की आत्मा है।”

गुरु-परंपरा का सशक्त आधार

उन्हें बनारस घराने के जलपा गुरुजी से प्रारंभिक मार्गदर्शन मिला, जिसके बाद पद्मभूषण श्रीमती गिरिजा देवी जी की शिष्या बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। दोनों गुरुओं से उन्हें शास्त्रीय अनुशासन के साथ लोकभाव की गहराई समझने का अवसर मिला यही उनके संगीत का आधार स्तंभ है।

लोकगीतों की कालजयी शक्ति

ममता शर्मा मानती हैं कि लोकगीत आम जनजीवन की भावनाओं—सुख-दुख, ऋतु, प्रेम और संघर्ष—को सहजता से स्वर देते हैं। यही कारण है कि समय बदलने पर भी लोकगीत कभी पुराने नहीं पड़ते।

परंपरा और आधुनिकता का संतुलन

आज की चुनौती पर वे कहती हैं कि लोकसंगीत की शुद्धता बनाए रखते हुए उसे नए माध्यमों तक पहुँचाना आवश्यक है। प्रस्तुति और तकनीक आधुनिक हो सकती है,लेकिन लोकसंगीत की आत्मा से समझौता नहीं होना चाहिए। ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन जैसे राष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुति सराहनीय है।

लोकसंगीत की विरासत और आधुनिकता का अद्भुत संगम : ममता शर्मा

लोकसंगीत की विरासत और आधुनिकता का अद्भुत संगम : ममता शर्मा

लोकसंगीत की शुद्ध परंपरा को आधुनिक प्रस्तुति के साथ जीवंत बनाए रखने वाली चर्चित लोकगायिका ममता शर्मा इन दिनों श्रोताओं की पहली पसंद बनी हुई हैं। बनारस की सांस्कृतिक चेतना से रचा-बसा उनका स्वर लोक और शास्त्रीय संगीत के दुर्लभ संतुलन का सशक्त उदाहरण है।

परंपरा से उपजा संगीत-सफर

ममता शर्मा बताती हैं कि उनका संगीत-सफर किसी पूर्व नियोजित योजना का परिणाम नहीं, बल्कि पारिवारिक संस्कारों की देन है। उनके दादाजी पंडित ताराचंद जैतले जी शास्त्रीय संगीत में गहरी रुचि रखते थे। बचपन में उनके सान्निध्य ने ही संगीत के बीज बो दिए और बहुत छोटी उम्र से लोक व शास्त्रीय संगीत उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गया।

बनारस: सुर-साधना की आत्मा

बनारस में जन्मी और पली-बढ़ी ममता शर्मा के स्वर में काशी की सांस्कृतिक चेतना स्वाभाविक रूप से समाई है। कजरी, चैती और लोकधुनें उनके गायन की पहचान हैं। उनके शब्दों में, “बनारस केवल मेरी जन्मभूमि नहीं, मेरी सुर-साधना की आत्मा है।”

गुरु-परंपरा का सशक्त आधार

उन्हें बनारस घराने के जलपा गुरुजी से प्रारंभिक मार्गदर्शन मिला, जिसके बाद पद्मभूषण श्रीमती गिरिजा देवी जी की शिष्या बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। दोनों गुरुओं से उन्हें शास्त्रीय अनुशासन के साथ लोकभाव की गहराई समझने का अवसर मिला यही उनके संगीत का आधार स्तंभ है।

लोकगीतों की कालजयी शक्ति

ममता शर्मा मानती हैं कि लोकगीत आम जनजीवन की भावनाओं—सुख-दुख, ऋतु, प्रेम और संघर्ष—को सहजता से स्वर देते हैं। यही कारण है कि समय बदलने पर भी लोकगीत कभी पुराने नहीं पड़ते।

परंपरा और आधुनिकता का संतुलन

आज की चुनौती पर वे कहती हैं कि लोकसंगीत की शुद्धता बनाए रखते हुए उसे नए माध्यमों तक पहुँचाना आवश्यक है। प्रस्तुति और तकनीक आधुनिक हो सकती है,लेकिन लोकसंगीत की आत्मा से समझौता नहीं होना चाहिए। ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन जैसे राष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुति सराहनीय है।

लोकसंगीत की विरासत और आधुनिकता का अद्भुत संगम : ममता शर्मा