जदयू दिल्ली प्रदेश द्वारा “मकरसंक्रांति महोत्सव” के अवसर पर दही-चूड़ा भोज का भव्य आयोजन

आयोजन को सफल बनाने में जदयू युवा प्रदेश अध्यक्ष ब्रज किशोर की भूमिका अहम,नालंदा (बिहार) के मूल निवासी हैं

दिल्ली। जनता दल (यूनाइटेड), दिल्ली प्रदेश इकाई द्वारा प्रदेश अध्यक्ष श्री शैलेन्द्र कुमार के नेतृत्व में रविवार, 18 जनवरी 2026 को पारंपरिक दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम “मकरसंक्रांति महोत्सव” का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अत्यंत उत्साह, उल्लास एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ।

इस आयोजन को सफल बनाने में युवा,जदयू दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष ब्रज किशोर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। वे मूल रूप से मखदुमपुर, नालंदा (बिहार) के मूल निवासी हैं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में उन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया।

कार्यक्रम में दिल्ली प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में लोगों ने सहभागिता की। इसमें विशेष रूप से बिहार एवं उत्तर प्रदेश से जुड़े लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति देखने को मिली। उपस्थित जनसमूह ने अपनी परंपरा, लोक-संस्कृति और आस्था से जुड़े इस पर्व को पूरे उत्साह के साथ मनाया।

दही-चूड़ा भोज के माध्यम से मकरसंक्रांति महोत्सव ने सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और आपसी भाईचारे का सशक्त संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक पर्वों के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखने का संकल्प लिया गया।

प्रदेश अध्यक्ष श्री शैलेन्द्र कुमार ने इस अवसर पर सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

जदयू दिल्ली प्रदेश द्वारा “मकरसंक्रांति महोत्सव” के अवसर पर दही-चूड़ा भोज का भव्य आयोजन

जदयू दिल्ली प्रदेश द्वारा “मकरसंक्रांति महोत्सव” के अवसर पर दही-चूड़ा भोज का भव्य आयोजन

आयोजन को सफल बनाने में जदयू युवा प्रदेश अध्यक्ष ब्रज किशोर की भूमिका अहम,नालंदा (बिहार) के मूल निवासी हैं

दिल्ली। जनता दल (यूनाइटेड), दिल्ली प्रदेश इकाई द्वारा प्रदेश अध्यक्ष श्री शैलेन्द्र कुमार के नेतृत्व में रविवार, 18 जनवरी 2026 को पारंपरिक दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम “मकरसंक्रांति महोत्सव” का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अत्यंत उत्साह, उल्लास एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ।

इस आयोजन को सफल बनाने में युवा,जदयू दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष ब्रज किशोर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। वे मूल रूप से मखदुमपुर, नालंदा (बिहार) के मूल निवासी हैं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में उन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया।

कार्यक्रम में दिल्ली प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में लोगों ने सहभागिता की। इसमें विशेष रूप से बिहार एवं उत्तर प्रदेश से जुड़े लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति देखने को मिली। उपस्थित जनसमूह ने अपनी परंपरा, लोक-संस्कृति और आस्था से जुड़े इस पर्व को पूरे उत्साह के साथ मनाया।

दही-चूड़ा भोज के माध्यम से मकरसंक्रांति महोत्सव ने सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और आपसी भाईचारे का सशक्त संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक पर्वों के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखने का संकल्प लिया गया।

प्रदेश अध्यक्ष श्री शैलेन्द्र कुमार ने इस अवसर पर सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

जदयू दिल्ली प्रदेश द्वारा “मकरसंक्रांति महोत्सव” के अवसर पर दही-चूड़ा भोज का भव्य आयोजन

गाँव की याद दिलाती माही श्रीवास्तव ने भोजपुरी लोकगीत ‘लव यू बोलता कंगनवा’ में उड़ाया गर्दा, गोल्डी यादव ने दिया साथ

भोजपुरी गीत-संगीत की बात होते ही भोजपुरी म्यूजिक कंपनी वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स का नाम अव्वल दर्जे पर आता है। इस म्यूजिक कंपनी से हमेशा भोजपुरी लोक संस्कृति से जुड़े हुए गाने रिलीज किये जाते हैं। इसी कड़ी में भोजपुरी अभिनेत्री माही श्रीवास्तव की शानदार अदायगी से सजा हुआ भोजपुरी लोकगीत ‘लव यू बोलता कंगनवा’ संगीतप्रेमियों के बीच रिलीज किया गया है। जिसे मधुर आवाज में भोजपुरी की पॉपुलर गायिका गोल्डी यादव ने मधुर आवाज में गाया है। ये लोकगीत वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर देख सकते हैं। इस गाने में गांव की लोक संस्कृति, देहात का रहन-सहन दिखाया गया है, जोकि बहुत ही प्यारा और मनमोहक लग रहा है। इस गाने में माही श्रीवास्तव अपने परदेसी पिया को कीपैड वाले सस्ते फोन से कॉल कर रही है और उसे वापस अपने घर आने के लिए तथा परिवार के साथ रहने के लिए जोर दे रही है। इस गाने की वीडियो में दिखाया गया है कि माही श्रीवास्तव एकदम सिंपल देहाती लुक में साड़ी पहने नजर आ रही है। वह मिट्टी के बने हुए कच्चे मकान के दरवाजे पर चारपाई पर बैठकर फोन पर बात कर रही है और गाँव के लोग घर गृहस्थी के काम जुटे हुए हैं। इस गाने का वीडियो देख रहे लोगों को पूरी तरह से गांव की ओर लेकर चला जाता है। शहरों में बैठे लोग इस गाने के वीडियो देखकर अपने आप को अपने गांव घर परिवार से जोड़कर देख रहे हैं। इस गाने को बहुत अच्छा रिस्पांस मिल रहा है।

इस गाने के वीडियो में माही श्रीवास्तव अपने पति को समझाते हुए कह रही है कि…

‘निक नाही लागता कवनो रे खनवा, सजनवा आवा ना, त लव यू कहता कंगनवा, सजनवा आवा ना…’

वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स प्रस्तुत लोकगीत ‘लव यू बोलता कंगनवा’ के निर्माता रत्नाकर कुमार हैं। इस गीत को सिंगर गोल्डी यादव ने गोल्डी यादव ने अपनी आवाज़ में गाया है, जबकि वीडियो में माही श्रीवास्तव अपने पारंपरिक अंदाज़ और हसीन अदाओं से गाँव की याद दिलाती नज़र आ रही हैं। इस गाने को गीतकार शुभदयाल सोहरा ने लिखा है, जबकि संगीतकार आर्या शर्मा ने मधुर संगीत दिया है। वीडियो डायरेक्टर सुनील बाबा, डीओपी रंजन, कोरियोग्राफर एम के गुप्ता जॉय, एडिटर आलोक गुप्ता हैं। डीआई रोहित सिंह ने किया है। इस गाने का ऑल राइट वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के पास है।

इस गाने को लेकर के एक्ट्रेस माही श्रीवास्तव ने कहा कि ‘गाँव देहात और घर परिवार से जुड़े इस सांग में काम करना मेरे लिए बहुत ही खुशी की बात यह है। इतना बेस्ट सांग बनाने के लिए रत्नाकर कुमार सर को दिल से धन्यवाद देती हूं। इस गाने को  प्यार देने के लिए के लिए मैं अपने फैंस एवं सभी शुभचिंतकों को दिल से धन्यवाद देती हूं।’

वहीं सिंगर गोल्डी यादव ने कहा कि ‘ये लोकगीत रत्नाकर कुमार सर ने बहुत ही प्यारा बनाया है। इस गाने को गाकर मैं बहुत खुश हूं। इस गीत को पसंद करने के लिए सभी श्रोताओं को बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूं।’

गाँव की याद दिलाती माही श्रीवास्तव ने भोजपुरी लोकगीत ‘लव यू बोलता कंगनवा’ में उड़ाया गर्दा, गोल्डी यादव ने दिया साथ

भोजपुरी फ़िल्म ‘उमा’ 6 फ़रवरी 2026 को पूरे भारत में होगी रिलीज़

भोजपुरी सिनेमा प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। बहुप्रतीक्षित भोजपुरी फ़िल्म ‘उमा (UMA)’ आगामी 6 फ़रवरी 2026 को पूरे भारत के सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज़ होने जा रही है। इस फ़िल्म को लेकर दर्शकों में पहले से ही खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

फ़िल्म ‘उमा’ का निर्माण जाने-माने फिल्म निर्माता रत्नाकर कुमार ने किया है, जबकि इसकी कहानी और निर्देशन की ज़िम्मेदारी अनंजय रघुराज ने संभाली है। फ़िल्म की सह-निर्माता निवेदिता कुमार हैं। इसे रत्नाकर कुमार और जितेंद्र गुलाटी द्वारा प्रस्तुत किया गया है और फ़िल्म का बैनर वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स लिमिटेड है।

इस फ़िल्म को लेकर निर्माता रत्नाकर कुमार ने कहा कि,“‘उमा’ मेरे दिल के बेहद करीब है। यह सिर्फ़ एक फ़िल्म नहीं, बल्कि एक ऐसी कहानी है जो समाज से जुड़ी भावनाओं और सच्चाइयों को दर्शाती है। हमने इस फ़िल्म को बहुत मेहनत और ईमानदारी से बनाया है। पूरी टीम ने दिल से काम किया है और मुझे पूरा विश्वास है कि दर्शकों को यह फ़िल्म पसंद आएगी। 6 फ़रवरी 2026 को जब यह फ़िल्म सिनेमाघरों में पहुंचेगी, तब दर्शक इसे अपना भरपूर प्यार देंगे।”

फ़िल्म में भोजपुरी सिनेमा के कई चर्चित और प्रतिभाशाली कलाकार नज़र आएंगे। माही श्रीवास्तव और रितेश उपाध्याय मुख्य भूमिकाओं में दिखाई देंगे। इनके अलावा फ़िल्म में अमरेंद्र शर्मा, शंभू राणा, पुष्पेंद्र राय, नेहा सिंह, अंशु तिवारी, मोना राय, राकेश त्रिपाठी, सी.पी. भट्ट, रितम श्री, पारुल प्रिया और बबीता सिंह जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं।

फ़िल्म के तकनीकी पक्ष की बात करें तो कार्यकारी निर्माता कुलदीप श्रीवास्तव हैं। अरविंद तिवारी और राकेश त्रिपाठी ने फ़िल्म की पटकथा और संवाद लिखे हैं। के. वेंकट महेश ने छायांकन (DOP) की ज़िम्मेदारी निभाई है। फ़िल्म का संगीत मशहूर संगीतकार साजन मिश्रा ने तैयार किया है, जबकि गीत धरम हिंदुस्तानी ने लिखे हैं। गानों को अपनी आवाज़ दी है कल्पना पटवारी, प्रियंका सिंह, सुगम सिंह और किरण कश्यप ने।

फ़िल्म के अन्य प्रमुख तकनीकी सदस्यों में लाइन प्रोड्यूसर महेश उपाध्याय, कोरियोग्राफर कानू मुखर्जी, बैकग्राउंड स्कोर अयान मकवाना, आर्ट डायरेक्टर राम दुलारे एवं मिलिंद सिंह, संपादक प्रीतम नाइक, और डीआई मनींदर सिंह (बंटी) शामिल हैं। फ़िल्म का पोस्ट प्रोडक्शन 3 स्टूडियो में किया गया है, जबकि कॉस्ट्यूम डिज़ाइन नानू फैशन डिज़ाइनर द्वारा तैयार किए गए हैं।

फ़िल्म के प्रचार-प्रसार की ज़िम्मेदारी पीआरओ ब्रजेश मेहर, रंजन सिन्हा, उदय भगत और रामचंद्र यादव संभाल रहे हैं। फ़िल्म का संगीत वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के बैनर तले रिलीज़ किया जाएगा।

कुल मिलाकर, दमदार कहानी, अनुभवी कलाकारों और मजबूत तकनीकी टीम के साथ ‘उमा (UMA)’ भोजपुरी सिनेमा में एक यादगार फ़िल्म साबित होने की पूरी उम्मीद है। दर्शकों को अब बेसब्री से 6 फ़रवरी 2026 का इंतज़ार है।

भोजपुरी फ़िल्म ‘उमा’ 6 फ़रवरी 2026 को पूरे भारत में होगी रिलीज़

कोरमा प्रेतशिला मैदान में भव्य जनता अभिनंदन समारोह सह कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित, 25 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता

गया (बेलागंज)। कोरमा प्रेतशिला मैदान में गुरुवार को बेलागंज विधानसभा क्षेत्र की लोकप्रिय विधायक मनोरमा देवी के नेतृत्व में जनता अभिनंदन समारोह सह कंबल वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11:00 बजे हुआ, जिसमें बेलागंज विधानसभा के विभिन्न इलाकों से 25,000 से अधिक लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष एवं वृद्धजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान विधायक मनोरमा देवी एवं उनके पुत्र, युवा समाजसेवी रॉकी यादव द्वारा जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण किया गया। कंबल प्राप्त करने के उपरांत सभी आगंतुकों के लिए मकर संक्रांति के अवसर पर दही-चूड़ा एवं तिलकुट का सामूहिक भोज भी कराया गया। इस मानवीय पहल से ठंड के मौसम में लोगों के चेहरों पर खुशी और सुकून साफ झलकता रहा। उपस्थित लोगों ने विधायक एवं उनके परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए दुआएं दीं।

इस अवसर पर विधायक मनोरमा देवी ने कहा कि बेलागंज विधानसभा की जनता ने जिस विश्वास के साथ उन्हें अपना मत देकर विजयी बनाया है, उसी विश्वास की जिम्मेदारी को निभाते हुए वे जाड़ा, गर्मी, बरसात—हर सुख-दुख में जनता के साथ खड़ी रहेंगी। उन्होंने कहा कि जनसेवा ही उनका संकल्प है और जनता की भलाई के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहेंगी।

वहीं युवा समाजसेवी रॉकी यादव ने कहा कि वे हमेशा आम लोगों के बीच रहते हैं और उनकी समस्याओं को करीब से समझते हैं। ठंड के मौसम को देखते हुए मकर संक्रांति के पावन अवसर पर जरूरतमंदों को कंबल वितरण तथा दही-चूड़ा व तिलकुट का भोज कराने का यह छोटा-सा प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि बेलागंज विधानसभा के कोने-कोने से आए लोगों का स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। वे निस्वार्थ भाव से सेवा करते रहेंगे और अनर्गल बातों से दूर रहकर विकास की राजनीति करेंगे—और विकास करके दिखाएंगे।

कार्यक्रम में बेलागंज प्रखंड के प्रतिनिधि अनिल सिंह, जिला परिषद सदस्य करिश्मा कुमारी, नगर प्रखंड प्रमुख सुचिता रंजनी, मुखिया प्रकाश यादव, रंजेश सिंह, राजेश सिंह, आदित्य यादव, पूर्व मुखिया अजीत यादव, विजय यादव, पंचायत समिति सदस्य संजीत कुमार पांडे, उपेंद्र कुमार, समाजसेवी एवं जदयू नेत्री पूनम कुशवाहा, भाजपा नेत्री करुणा सिंह, समाजसेवी सुबोध यादव, वीरेंद्र यादव, इंद्रदेव यादव, पप्पू कुशवाहा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ, जहां सेवा, सहयोग और जनविश्वास की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

कोरमा प्रेतशिला मैदान में भव्य जनता अभिनंदन समारोह सह कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित, 25 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता

कोरमा प्रेतशिला मैदान में भव्य जनता अभिनंदन समारोह सह कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित, 25 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता

गया (बेलागंज)। कोरमा प्रेतशिला मैदान में गुरुवार को बेलागंज विधानसभा क्षेत्र की लोकप्रिय विधायक मनोरमा देवी के नेतृत्व में जनता अभिनंदन समारोह सह कंबल वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11:00 बजे हुआ, जिसमें बेलागंज विधानसभा के विभिन्न इलाकों से 25,000 से अधिक लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष एवं वृद्धजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान विधायक मनोरमा देवी एवं उनके पुत्र, युवा समाजसेवी रॉकी यादव द्वारा जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण किया गया। कंबल प्राप्त करने के उपरांत सभी आगंतुकों के लिए मकर संक्रांति के अवसर पर दही-चूड़ा एवं तिलकुट का सामूहिक भोज भी कराया गया। इस मानवीय पहल से ठंड के मौसम में लोगों के चेहरों पर खुशी और सुकून साफ झलकता रहा। उपस्थित लोगों ने विधायक एवं उनके परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए दुआएं दीं।

इस अवसर पर विधायक मनोरमा देवी ने कहा कि बेलागंज विधानसभा की जनता ने जिस विश्वास के साथ उन्हें अपना मत देकर विजयी बनाया है, उसी विश्वास की जिम्मेदारी को निभाते हुए वे जाड़ा, गर्मी, बरसात—हर सुख-दुख में जनता के साथ खड़ी रहेंगी। उन्होंने कहा कि जनसेवा ही उनका संकल्प है और जनता की भलाई के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहेंगी।

वहीं युवा समाजसेवी रॉकी यादव ने कहा कि वे हमेशा आम लोगों के बीच रहते हैं और उनकी समस्याओं को करीब से समझते हैं। ठंड के मौसम को देखते हुए मकर संक्रांति के पावन अवसर पर जरूरतमंदों को कंबल वितरण तथा दही-चूड़ा व तिलकुट का भोज कराने का यह छोटा-सा प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि बेलागंज विधानसभा के कोने-कोने से आए लोगों का स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। वे निस्वार्थ भाव से सेवा करते रहेंगे और अनर्गल बातों से दूर रहकर विकास की राजनीति करेंगे—और विकास करके दिखाएंगे।

कार्यक्रम में बेलागंज प्रखंड के प्रतिनिधि अनिल सिंह, जिला परिषद सदस्य करिश्मा कुमारी, नगर प्रखंड प्रमुख सुचिता रंजनी, मुखिया प्रकाश यादव, रंजेश सिंह, राजेश सिंह, आदित्य यादव, पूर्व मुखिया अजीत यादव, विजय यादव, पंचायत समिति सदस्य संजीत कुमार पांडे, उपेंद्र कुमार, समाजसेवी एवं जदयू नेत्री पूनम कुशवाहा, भाजपा नेत्री करुणा सिंह, समाजसेवी सुबोध यादव, वीरेंद्र यादव, इंद्रदेव यादव, पप्पू कुशवाहा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ, जहां सेवा, सहयोग और जनविश्वास की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

  

कोरमा प्रेतशिला मैदान में भव्य जनता अभिनंदन समारोह सह कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित, 25 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता

সুভাষ চন্দ্র বসুর অকথিত সত্য

ভারতের সর্বশ্রেষ্ঠ সন্তান, আজাদ হিন্দ ফৌজের প্রতিষ্ঠাতা এবং অদম্য সাহস ও আপসহীন দেশপ্রেমের প্রতীক নেতাজি সুভাষ চন্দ্র বসুর ১২৯তম জন্মবার্ষিকীর পবিত্র ও গর্বের মুহূর্তে—২৩শে জানুয়ারি, ২০২৬—একটি ঐতিহাসিক ঘোষণা করলেন প্রখ্যাত  প্রযোজক মান সিং দীপ। গভীর দেশপ্রেম ও আবেগের সঙ্গে তিনি আনুষ্ঠানিকভাবে ঘোষণা করেন তাঁর বহু প্রতীক্ষিত ঐতিহাসিক চলচ্চিত্র “দ্য আনটোল্ড ট্রুথ অফ সুভাষ চন্দ্র বোস” নির্মাণের কথা।

এই চলচ্চিত্রটি কেবল একটি সিনেমাটিক উপস্থাপনা নয়; এটি কয়েক দশক ধরে ইচ্ছাকৃতভাবে আড়াল করে রাখা ইতিহাসের পৃষ্ঠাগুলি উন্মোচনের এক সাহসী ও চিন্তাজাগানিয়া প্রয়াস। বিস্তৃত গবেষণা, আন্তর্জাতিক নথিপত্র এবং নির্ভরযোগ্য ঐতিহাসিক প্রমাণের উপর ভিত্তি করে নির্মিত এই ছবি এমন কিছু তথ্য সামনে আনার প্রতিশ্রুতি দেয়, যা শুধু ভারতের স্বাধীনতা সংগ্রামের ইতিহাস নয়, বরং বর্তমান বিশ্ব ভূ-রাজনীতির ভিত্তিকেও নতুন করে ভাবতে বাধ্য করবে।

মান সিং দীপের উপস্থাপনায় নির্মিত এই উচ্চাকাঙ্ক্ষী প্রকল্পটির প্রযোজনা করছেন কল্যাণী সিং ও বেদান্ত সিং, এবং পরিচালনার দায়িত্বে রয়েছেন বিশিষ্ট চলচ্চিত্র নির্মাতা অশোক ত্যাগী। প্রযোজক ও পরিচালকের সুদৃঢ় দৃষ্টিভঙ্গি ও সৃজনশীল সাহসের মাধ্যমে ছবিটি প্রচলিত ও প্রতিষ্ঠিত ঐতিহাসিক আখ্যানকে চ্যালেঞ্জ জানাবে। এই চলচ্চিত্রের মূল বক্তব্য হলো—নেতাজি সুভাষ চন্দ্র বসু কেবল অহিংসার তাত্ত্বিক আলোচনার বাইরে গিয়ে, ভারতের স্বাধীনতা অর্জনে বাস্তব, সক্রিয় এবং নির্ণায়ক ভূমিকা পালন করেছিলেন।

ছবিটিতে আরও গভীরভাবে তুলে ধরা হবে, কীভাবে দ্বিতীয় বিশ্বযুদ্ধ-পরবর্তী বিজয়ী শক্তিগুলির ক্ষমতার রাজনীতি নেতাজির আদর্শ ও দৃষ্টিভঙ্গিকে ভয় পেয়েছিল। সেই ভয়েরই ফলশ্রুতিতে কীভাবে একটি সুপরিকল্পিত আন্তর্জাতিক ষড়যন্ত্রের মাধ্যমে তাঁকে নির্মমভাবে হত্যা করা হয়—যার সত্য আজও রহস্য, বিভ্রান্তি ও তথাকথিত দুর্ঘটনার আড়ালে ঢাকা পড়ে রয়েছে—তা এই চলচ্চিত্রে অনুসন্ধান করা হবে।

“সুভাষ চন্দ্র বসুর অকথিত সত্য” দর্শকদের সামনে ইতিহাসকে দেখার এক নতুন জানালা খুলে দেবে। এটি কেবল অতীতের ঘটনাবলির পুনরুল্লেখ নয়, বরং জাতীয়তাবাদ, আত্মত্যাগ এবং প্রকৃত স্বাধীনতার অর্থ নিয়ে নতুন করে চিন্তা করার আহ্বান। নেতাজির আদর্শ, সংগ্রাম ও ত্যাগকে ভবিষ্যৎ প্রজন্মের কাছে নতুন চেতনা ও গভীর উপলব্ধির সঙ্গে উপস্থাপন করার জন্য এই চলচ্চিত্র একটি শক্তিশালী ও সময়োপযোগী মাধ্যম হয়ে উঠবে—এমনটাই প্রত্যাশা।

সুভাষ চন্দ্র বসুর অকথিত সত্য

সুভাষ চন্দ্র বসুর অকথিত সত্য

ভারতের সর্বশ্রেষ্ঠ সন্তান, আজাদ হিন্দ ফৌজের প্রতিষ্ঠাতা এবং অদম্য সাহস ও আপসহীন দেশপ্রেমের প্রতীক নেতাজি সুভাষ চন্দ্র বসুর ১২৯তম জন্মবার্ষিকীর পবিত্র ও গর্বের মুহূর্তে—২৩শে জানুয়ারি, ২০২৬—একটি ঐতিহাসিক ঘোষণা করলেন প্রখ্যাত  প্রযোজক মান সিং দীপ। গভীর দেশপ্রেম ও আবেগের সঙ্গে তিনি আনুষ্ঠানিকভাবে ঘোষণা করেন তাঁর বহু প্রতীক্ষিত ঐতিহাসিক চলচ্চিত্র “দ্য আনটোল্ড ট্রুথ অফ সুভাষ চন্দ্র বোস” নির্মাণের কথা।

এই চলচ্চিত্রটি কেবল একটি সিনেমাটিক উপস্থাপনা নয়; এটি কয়েক দশক ধরে ইচ্ছাকৃতভাবে আড়াল করে রাখা ইতিহাসের পৃষ্ঠাগুলি উন্মোচনের এক সাহসী ও চিন্তাজাগানিয়া প্রয়াস। বিস্তৃত গবেষণা, আন্তর্জাতিক নথিপত্র এবং নির্ভরযোগ্য ঐতিহাসিক প্রমাণের উপর ভিত্তি করে নির্মিত এই ছবি এমন কিছু তথ্য সামনে আনার প্রতিশ্রুতি দেয়, যা শুধু ভারতের স্বাধীনতা সংগ্রামের ইতিহাস নয়, বরং বর্তমান বিশ্ব ভূ-রাজনীতির ভিত্তিকেও নতুন করে ভাবতে বাধ্য করবে।

মান সিং দীপের উপস্থাপনায় নির্মিত এই উচ্চাকাঙ্ক্ষী প্রকল্পটির প্রযোজনা করছেন কল্যাণী সিং ও বেদান্ত সিং, এবং পরিচালনার দায়িত্বে রয়েছেন বিশিষ্ট চলচ্চিত্র নির্মাতা অশোক ত্যাগী। প্রযোজক ও পরিচালকের সুদৃঢ় দৃষ্টিভঙ্গি ও সৃজনশীল সাহসের মাধ্যমে ছবিটি প্রচলিত ও প্রতিষ্ঠিত ঐতিহাসিক আখ্যানকে চ্যালেঞ্জ জানাবে। এই চলচ্চিত্রের মূল বক্তব্য হলো—নেতাজি সুভাষ চন্দ্র বসু কেবল অহিংসার তাত্ত্বিক আলোচনার বাইরে গিয়ে, ভারতের স্বাধীনতা অর্জনে বাস্তব, সক্রিয় এবং নির্ণায়ক ভূমিকা পালন করেছিলেন।

ছবিটিতে আরও গভীরভাবে তুলে ধরা হবে, কীভাবে দ্বিতীয় বিশ্বযুদ্ধ-পরবর্তী বিজয়ী শক্তিগুলির ক্ষমতার রাজনীতি নেতাজির আদর্শ ও দৃষ্টিভঙ্গিকে ভয় পেয়েছিল। সেই ভয়েরই ফলশ্রুতিতে কীভাবে একটি সুপরিকল্পিত আন্তর্জাতিক ষড়যন্ত্রের মাধ্যমে তাঁকে নির্মমভাবে হত্যা করা হয়—যার সত্য আজও রহস্য, বিভ্রান্তি ও তথাকথিত দুর্ঘটনার আড়ালে ঢাকা পড়ে রয়েছে—তা এই চলচ্চিত্রে অনুসন্ধান করা হবে।

“সুভাষ চন্দ্র বসুর অকথিত সত্য” দর্শকদের সামনে ইতিহাসকে দেখার এক নতুন জানালা খুলে দেবে। এটি কেবল অতীতের ঘটনাবলির পুনরুল্লেখ নয়, বরং জাতীয়তাবাদ, আত্মত্যাগ এবং প্রকৃত স্বাধীনতার অর্থ নিয়ে নতুন করে চিন্তা করার আহ্বান। নেতাজির আদর্শ, সংগ্রাম ও ত্যাগকে ভবিষ্যৎ প্রজন্মের কাছে নতুন চেতনা ও গভীর উপলব্ধির সঙ্গে উপস্থাপন করার জন্য এই চলচ্চিত্র একটি শক্তিশালী ও সময়োপযোগী মাধ্যম হয়ে উঠবে—এমনটাই প্রত্যাশা।

সুভাষ চন্দ্র বসুর অকথিত সত্য